मेहमान भेजो, लेकिन इतने नहीं...

कुनबे पर पड़े इनकम टैक्स छापे पर बोले शरद पवार


मुंबई

पिछले छह दिनों से पवार कुनबे के कई के घरों पर आयकर विभाग की छापेमारी जारी है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार की तीन बहनों के घर पिछले पांच से छह दिनों से छापेमारी जारी है। इस मामले पर राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि मेहमान भेजिए, लेकिन अर्जीण हो, इतने मेहमान मत भेजिए। वे बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।  

केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग

पवार ने कहा कि केंद्र सरकार कई संस्थानों का दुरुपयोग कर रही है। सीबीआई, आयकर विभाग, ईडी, एनसीबी का उपयोग राजनीतिक उद्देश्य से लिए किया जा रहा है। सत्ता का दुरुपयोग केवल राकांपा पर नहीं हो रहा है। अन्य दलों को इसका सामना करना पड़ रहा है। केंद्र की सत्ताधारी भाजपा महाराष्ट्र की सरकार को पिछले दो साल से गिराने की कोशिश में नाकाम रही है, ऐसे में नेताओं के नजदीकी लोगों को टार्गेट किया जा रहा है।

छापे से हमें कोई शिकायत नहीं

अपने परिवार पर जारी आयकर विभाग के छापे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पवार ने कहा कि मेहमान भेजिए, लेकिन अजीर्ण हो जाए, इतने मेहमान मत भेजिए। मेरी बेटी के घर पर छह दिनों से 18 सरकारी मेहतान बैठे हैं। संबंधित अधिकारियों को घर जाना है, लेकिन उन्हें घर से बाहर निकलने के निर्देश नहीं हैं। इसके पहले केंद्रीय मशीनरी से घर जाकर जांच भी की, लेकिन इतने दिनों तक लगातार डटे रहने का मामला पहली बार सामने आया है। पवार ने कहा कि इसके बावजूद हमारी इस बारे में कोई शिकायत नहीं है। 

देशमुख के यहां पांचवीं बार छापा

पवार ने कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने आरोप लगने के बाद तत्काल पद से इस्तीफा दे दिया, दूसरी तरफ मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त (परमबीर सिंह) पर आरोपों की सीरिज शुरु है। आरोप लगने के दौरान परमबीर सिंह गायब नजर आ रहे हैं। अनिल देशमुख के यहां कल पांचवीं बार छापा पड़ा। पवार ने तंज कसा कि एक ही व्यक्ति के घर पांच-पांच बार छापे का अर्थ है कि उसने एक रिकॉर्ड बनाया है।

एनसीबी कोई जब्ती करती है या नहीं?

उन्होंने कहा कि नवाब मलिक ने समीर वानखेडे पर कुछ आरोप लगाए। इसके पहले वे एयरपोर्ट पर कार्यरत थे, वहां की कुछ कहानियों मुझ तक पहुंची हैं, हालांकि इन पर मैं कुछ नहीं कहूंगा। एनसीबी ने पिछले कुछ वर्षों में जो मादक पदार्थ जब्त किए हैं, उसकी मात्रा बेहद कम है। इसके उलट महाराष्ट्र मादक पदार्थ विरोधी दस्ते ने अधिक मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त किया है। उन्होंने कहा कि गोसावी नाम के व्यक्ति को एनसीबी ने पंच के रूप लिया। एनसीबी की कार्रवाई उचित है, यह दिखाने के लिए अच्छे कैरेक्टर का व्यक्ति पंच के रूप में लिया गया। पंच के रूप मे लिया गया व्यक्ति फरार है। इस अर्थ है कि पंच की इंटेग्रिटी संदेहास्पद है। उन्होंने सवाल उठाया कि एनसीबी केंद्र का जानकारी देने के अलावा कोई जब्ती की कार्रवाई भी करती है?


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