वानखेड़े में क्रिकेट हस्तियों का सम्मान

सुनील गावस्कर के नाम पर हास्पिटैलिटी बॉक्स का उद्घाटन    स्टैंड को दिया गया दिलीप वेंगसरकर का नाम


मुंबई

महान सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर के टेस्ट डेब्यू के 50 साल पूरा होने के अवसर पर मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) की तरफ से वानखेड़े स्टेडियम में उनका सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर वानखेड़े स्टेडियम में सुनील गावस्कर के नाम पर हास्पिटैलिटी बॉक्स का उद्घाटन किया गया, जबकि पूर्व क्रिकेटर दिलीप वेंगसरकर के नाम पर वानखेड़े स्टेडियम में एक स्टैंड का उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम में आईसीसी के पूर्व अध्यक्ष शरद पवार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, पूर्व क्रिकेटर गुंडप्पा विश्वनाथ, मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर, मुंबई महापौर किशोरी पेडणेकर और मुंबई टी-20 लीग गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन मिलिंद नार्वेकर भी उपस्थित थे। 

बाला साहेब को था क्रिकेट से लगाव: ठाकरे

इस मौके पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना पक्ष प्रमुख स्वर्गीय बाला साहेब ठाकरे को क्रिकेट से बहुत लगाव था। बापू नाडकर्णी, माधव मंत्री सहित अन्य खिलाड़ियों से उनका मिलना-जुलना होता था। ठाकरे ने कहा कि उनकी वानखड़े स्टेडियम को लेकर एक अलग ही याद है, जिसका उल्लेख मैं यहां करना चाहता। उन्होंने कहा कि वे भी क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन बन नहीं पाए। इसमें खासा संयम और एकाग्रता लगती है।

माधव मंत्री अच्छे क्रिकेटर, अच्छे प्रशासक

शरद पवार ने कहा कि पिछले डेढ़ साल से सभी जगह एक अभूतपूर्व स्थिति बन गई थी। खेल, उत्सव सभी बंद हो गए थे। डेढ़ साल के संकट के बाद आज यह मौका आया है और एमसीए ने यह कार्यक्रम किया है। पवार ने कहा कि एक अच्छा क्रिकेटर एक अच्छा प्रशासक हो, यह जरूरी नहीं है, लेकिन माधव मंत्री अच्छे क्रिकेटर होने के साथ-साथ एक अच्छे प्रशासक भी हैं।

अवार्ड नहीं मिलना बना प्रेरणा: गावस्कर  

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने इस आयोजन के लिए मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मुझे क्रिकेट एसोसिएशन से एक बात कहना है कि उसने मुझे बेस्ट जूनियर क्रिकेटर का अवार्ड नहीं दिया था, इससे मुझे बहुत प्रेरणा मिली और आज उसने यह हास्पिटैलिटी बॉक्स दिया है।

वानखेड़े पर खेले कई मैच: वेंगसरकर

दिलीप वेंगसरकर ने कहा कि आज आनंद का दिन है। मेरा नाम स्टैंड को दिया गया है। वानखेड़े स्टेडियम में मैंने भारत-वेस्टइंडीज का मैच देखा था। यहां मैंने कई सारे मैच खेले। मैं 20 साल तक लगातार वानखेड़े स्टेडियम आता रहा हूं। 1992 में मेरी पारी खत्म हो गई और अगली पीढ़ी को कुछ देने के लिए हमने क्रिकेट अकादमी शुरु की है।

शिवाजी पार्क के खिलाड़ी मस्तीवाले: सचिन  

सचिन तेंदुलकर ने वानखेड़े स्टेडियम की याद ताजा करते हुए कहा कि यहां कई मैचे देखे, लेकिन कुछ ऐसे शॉट होते हैं, जो सदैव याद रहते हैं। उन्होंने कहा कि गावस्कर, दिलीप वेंगसरकर दादर यूनियन के प्लेयर रहे हैं, जो बहुत अनुशासित रहते थे, शिवाजी पार्क के प्लेयर मस्तीखोर होते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी अनुशासन का नाम आता है तो माधव मंत्री का नाम सामने आता है। वे 1990 के इंग्लैंड दौरे के वक्त मेरे साथ रहे, वे पिता समान है।


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