किरण गोसावी पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

मुंबई

एनसीबी ड्रग्स की छापेमारी के मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। मामले में गवाह बनाये गए प्राइवेट डिटेक्टिव किरण गोसावी पर चार एफआईआर दर्ज हैं। आरोप है कि मनीष भानुशाली और किरण गोसावी की सूचना पर ही क्रूज पर चल रही रेव पार्टी पर छापेमारी की गई थी। जिसमें आर्यन समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। एनसीबी द्वारा बताया गया था कि मनीष भानुशाली और किरण गोसावी को उनके स्वतंत्र गवाह के तौर पर रखा गया है। आर्यन खान की गिरफ्तारी के बाद ही किरण गोसावी और आर्यन की एक सेल्फी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी। इसके बाद से ही गोसावी चर्चा का विषय बने हुए हैं। इसके बाद एक और चौकानेवाली जानकारी सामने आयी है जिसमें पता चला है कि स्वतंत्र गवाह गोसावी पर पहले से चार मामले दर्ज हैं।  जबकि 2018 में पुणे में दर्ज मामले में वह पुलिस से छिपता घूम रहा है। 

गोसावी पर ठगी का है आरोप

गोसावी पर पहला केस 2007 में मुंबई के अंधेरी पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था, 2015 और 2016 में एक-एक केस ठाणे के कपूरबावडी पुलिस स्टेशन में दर्ज है और 2018 में पुणे के फारसखाना पुलिस स्टेशन में दर्ज है। 2018 में एफआईआर दर्ज कराने वाले चिन्मय देशमुख ने गोसावी पर आरोप लगाया है कि गोसावी ने मलेशिया में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे 3.09 लाख रुपए की ठगी की।


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