ड्रैगन को भारत का करारा जवाब

अरुणाचल प्रदेश भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा


नई दिल्ली

लद्दाख में सीमा-विवाद को लेकर चीन लगातार भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में चीनी मीडिया के एक विवादित लेख में कहा गया था कि चीन अपने क्षेत्र को लेकर भारत से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा और युद्ध की स्थिति में चीन, भारत को हराने में कामयाब रहेगा। चीन के प्रतिष्ठित ग्लोबल टाइम्स में छपे इस लेख के बाद अब चीन के विदेश विभाग के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने भी विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चीन अवैध रूप से बने तथाकथित अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं देता है और भारत के उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू के इस क्षेत्र में किए गए दौरे का भी कड़ा विरोध करते हैं। गौरतलब है कि चीन अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा पेश करते हुए उसे दक्षिण तिब्बत का हिस्सा बताता है। चीन के इस बयान के बाद भारत ने भी बयान जारी कर करारा जवाब दिया है। इस बयान में कहा गया है कि हमने चीन के आधिकारिक प्रवक्ता द्वारा किए गए बयानों को देखा है। हम इन बयानों को अस्वीकार करते हैं। अरुणाचल प्रदेश भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। जैसे भारतीय नेता भारत के किसी अन्य राज्य की यात्रा करते हैं।

जनवरी में भी अरुणाचल प्रदेश पर चीन ने किया था दावा

 गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा-विवाद को लेकर 13वें दौर की सीनियर सैन्य कमांडर स्तर की वार्ता भी बेनतीजा रही है। चीन का कहना है कि भारत परिस्थिति का गलत आकलन कर रहा है और सीमा विवाद को लेकर भारत की मांगें अवास्तिवक हैं। इस साल जनवरी में भी ऐसी खबरें आई थीं कि चीन ने यहां गांव बना लिया है, जिसके बाद राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा था। इस मामले में बात करते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा था कि चीन-भारत की सीमा के पूर्वी सेक्टर या जैंगनान को लेकर चीन की स्थिति स्पष्ट है।


Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget