ब्लैक आउट के संकट से निपटने को तैयार सीएम

लखनऊ

देश में इन दिनों कोयले की कमी से बिजली उत्पादन प्रभावित होने को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ बेहद गंभीर हैं। उत्तर प्रदेश में ब्लैक आउट से निपटने को तैयार सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को कोयला की कमी को पूरा करने का निर्देश देने के साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी से कोयला की अतिरिक्त मांग को पूरा करने के लिए पत्र भी लिखा है। उत्तर प्रदेश में बिजली का उत्पादन करने वाली कई कंपनियों के कोयला की कमी होने की आशंका को लेकर कुछ यूनिटों से उत्पादन बंद कर दिया है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में ब्लैक आउट की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सतर्क हो गए हैं। देश में कोयला संकट की संभावना पर सीएम योगी आदित्यनाथ भी बेहद गंभीर हो गए हैं। उन्होंने बिजली विभाग के साथ ही आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को कोयला के अतिरिक्त प्रबंध करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोयला की कमी के कारण बिजली उत्पादन में कमी ना हो। सभी अधिकारी अपने स्तर से कोयले की आपूर्ति के लिए बंदोबस्त करें। उत्तर प्रदेश में भी कोयला की कमी होने की संभावना को देखते हुए मोर्चा संभालने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अतिरिक्त कोयला की मांग की है। कोयला की कमी होने पर उत्तर प्रदेश में बिजली का संकट गहराए, इससे पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर कर दिया है। इसके साथ ही खुद भी पीएम मोदी को पत्र लिखकर प्रदेश में अतिरिक्त कोयला की मांग भी कर दी है। कोयला कम मिलने के कारण बिजली संकट की संभावना पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि कोयले की कमी के कारण यह संकट गहरा सकता है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों के ग्रामीण इलाकों में बिजली की कटौती की जा रही है। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में कई-कई घंटे बिजली कटौती की जा रही है। जिला मुख्यालयों और शहरी इलाकों में बिजली की कटौती नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय पूल से यूपी को मिलने वाली बिजली का कोटा भी कम हो गया है। जरूरत के सापेक्ष करीब आठ हजार मेगावाट बिजली की कमी दिखाई दे रही है। डिमांड और सप्लाई के बीच की खाई करीब 4000 मेगावाट बढ़ी है। प्रदेश में कोयले की कमी की संभावना को देखते हुए बिजली कंपनियां भी सधा कदम बढ़ा रही हैं। रायबरेली में ऊंचाहर थर्मल पावर स्टेशन ने कोयले की कमी से छठी यूनिट को बंद कर दिया है। इसके साथ ही अन्य यूनिट आधी क्षमता पर संचालित की जा रही हैं। एनटीपीसी ऊंचाहार के साथ अलीगढ़ के हरदुआगंज पावर प्लांट की दो, झांसी के पारीछा पावर प्लांट की दो, ललितपुर के बाजाज पावर प्लांट की एक यूनिट से बिजली का उत्पादन ठप कर दिया गया है। एनटीपीसी ऊंचाहार के साथ ही अंबेडकर नगर जिले के टांडा में इनके पावर प्लांट से उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। अलीगढ़ के कासिमपुर में हरदुआगंज विद्युत तापीय परियोजना के तहत थर्मल पॉवर प्लांट की तीन यूनिट से बिजली उत्पादन होता है लेकिन कोयले की कमी की वजह से मात्र एक यूनिट का ही संचालन हो पा रहा है। तीन में से नम्बर आठ यूनिट ही चल रही है। झांसी के पारीछा में चार में से दो यूनिट बंद हैं। ललितपुर में बजाज पावर प्लांट की तीन इकाइयों में से एक ही चलाई जा रही है। टांडा पावर प्लांट में सिर्फ दो दिन के कोयला का स्टाक बचा है। यहां पर तीन यूनिट हैं। रायबरेली में एनटीपीसी के ऊंचाहार प्लांट में पांच यूनिट को क्षमता से आधी पर चलाया जा रहा है। एक को शनिवार रात से बंद किया गया है। सोनभद्र के ओबरा पावर प्लांट में चार दिन का कोयला शेष है। यहां पर पांच में तीन यूनिट चल रही है।  


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