मनपा-बेस्ट कर्मियों के आए अच्छे दिन

दिवाली पूर्व धमाकेदार तोहफे की घोषणा  ।  तीन साल तक मिलेगा 20 हजार बोनस


मुंबई

मनपा और बेस्ट कर्मियों के अच्छे दिन आ गए हैं। मनपा प्रशासन से इन्हे दीपावली पर धमाकेदार तोहफा मिला है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ महापौर किशोरी पेंडणेकर और मनपा आयुक्त  इकबाल सिंह चहल के साथ हुई संयुक्त बैठक में मनपा और बेस्ट कर्मियों को 20 हजार रुपए बोनस दिए जाने की घोषणा की गई। घोषणा में कहा गया है कि यह बोनस अगले तीन सालों तक समान रूप से मिलता रहेगा। इस निर्णय से बेस्ट कर्मचारियों के बोनस में सीधे 10 हजार की बढ़ोत्तरी हुई है, जबकि मनपा कर्मचारियों के बोनस में साढ़े चार हजार की वृद्धि हुई है। 

बोनस को लेकर हुई बैठक में मनपा कर्मचारियों की यूनियन समन्वय समिति के सदस्य प्रकाश देवदास बाबाकदम सहित अन्य शामिल थे। महापौर ने बताया कि बेस्ट कर्मचारियों को दिए जाने वाले बोनस का भार मनपा उठाएगी। इससे मनपा पर 254 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पडेगा। पिछले साल मुख्यमंत्री की मध्यस्थता के बाद मनपा के एक लाख 11 हजार कर्मचारियों को 15,500 रुपए का बोनस मिला था। जबकि बेस्ट के 34,000 कर्मचारियों को 10,100 का बोनस दिया गया था। 

बिजली कर्मचारियों को बोनस

मुंबई। राज्य सरकार की बिजली कंपनियों के सभी अधिकारी और कर्मचारियों को बोनस देने की घोषणा ऊर्जा मंत्री डॉ. नितीन राऊत ने शुक्रवार को की। इस अनुसार बिजली कंपनियों के वर्ग एक से चतुर्थ श्रेणी के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को 12 हजार तथा सहायक कर्मचारियों को 7 हजार 200 रुपए बोनस के रूप में मिलेंगे।

शुरुआत में वर्ग 1 और वर्ग 2 के अधिकारियों को छोड़कर 10 हजार रुपए बोनस देने का प्रस्ताव ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव दिनेश वाघमारे ने रखा था, लेकिन कर्मचारी संगठनों ने इस प्रस्ताव पर असहमति जताते हुए ऊर्जा मंत्री से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था। कर्मचारी संगठनों से चर्चा करने के बाद डॉ. राऊत ने पिछले वर्ष की तरह दिवाली बोनस देने की घोषणा की।  

डॉ. राऊत ने कहा बिजली बिलों का भारी बकाया, सरकार की तरफ से पानी आपूर्ति और स्ट्रीट लाइट के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता नहीं मिलने, कोयला कंपनियों का बकाया, बिजली बनाने वाली सरकारी और निजी कंपनियों का बकाया भुगतान, कृषि पंपों की नगण्य बिजली बिल वसूली इत्यादि कारणों की वजह से तीनों कंपनियां भारी संकट में है, ऐसे में आर्थिक संकट को देखते हुए कर्मचारियों को बोनस देने का निर्णय लिया गया है।

पिछले डेढ़ साल में कोरोना के प्रकोप की वजह से लंबे समय से उद्योग-धंधे बंद कर दिए हैं, जिससे तीनों बिजली कंपनियों के राजस्व पर विपरीत असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रकृति, चक्रवात, मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने बिजली व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है और आर्थिक स्थिति खराब कर दी है।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि कोरोना काल में तीनों बिजली कंपनियों के अधिकारी और कर्मचारियों ने अपना जीवन जोखिम में डालकर महाराष्ट्र की जनता को निर्बाध बिजली की आपूर्ति की। उन्होंने बाढ़ के अभूतपूर्व संकट में अपनी जान को खतरे में डालकर बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की तारीफ की।


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