विधानसभा उपाध्यक्ष भी नहीं बनवा पाए अखिलेश

भाजपा ने कर दिया खेल; सपा को लगा बड़ा झटका

लखनऊ

समाजवादी पार्टी के बागी विधायक नितिन अग्रवाल सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष चुन लिए गए। नितिन अग्रवाल को कुल 304 वोट मिले, जबकि सपा के नरेंद्र वर्मा को 60 वोट मिले। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने बताया कि कुल 368 वोट पड़े, जिसमें 364 वोट वैध रहे और चार वोट अवैध रहे। नितिन अग्रवाल को भाजपा का समर्थन मिला हुआ है। सोमवार को यूपी विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया। लगभग 11.45 बजे मतदान शुरू हुआ, जो दोपहर तीन बजे तक चला और करीब चार बजे परिणाम घोषित हुआ। विपक्षी बसपा और कांग्रेस के विधायकों ने चुनाव का बहिष्कार किया। तीसरे कार्यकाल के विधायक नितिन अग्रवाल राज्य के पूर्व मंत्री नरेश अग्रवाल के बेटे हैं, जिन्होंने हाल ही में समाजवादी पार्टी से भाजपा का दामन थामा है। वह पूववर्ती समाजवादी पार्टी की अखिलेश यादव सरकार में मंत्री थे। सपा विधायकों के साथ बैठे नितिन अग्रवाल को जब उपाध्‍यक्ष पद के लिए चुना गया, तो सीएम योगी आदित्‍यनाथ अपनी सीट से उठकर उनके पास गए और बधाई दी। नितिन ने खड़े होकर योगी का अभिवादन किया। भाजपा विधायकों के जय श्रीराम नारेबाजी के बीच नितिन अग्रवाल ने अपने साथी सपा विधायकों का भी अभिवादन स्‍वीकार किया। 

नितिन अग्रवाल के नामांकन के समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के अलावा नरेश अग्रवाल भी मौजूद रहे। नितिन अग्रवाल ने नामांकन के समय नीले रंग का पटका पहना था जिस पर 'जय श्री राम' लिखा था। परंपराओं के अनुसार, प्रमुख विपक्षी दल के एक विधायक को विधानसभा का उपाध्यक्ष बनाया जाता है। विधानसभा उपाध्यक्ष पद के चुनाव के लिए सपा के घोषित उम्मीदवार नरेंद्र सिंह वर्मा और पार्टी के बागी विधायक नितिन अग्रवाल ने रविवार को अपना-अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था।


Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget