बच्‍चों-बुजुर्गों में फंगल इंफेक्‍शन का खतरा बढ़ा

 पटना

फंगल संक्रमण का प्रकोप बढ़ गया है। चर्म रोग के मरीजों में 50 फीसदी मरीज केवल इसी बीमारी के हैं। एनएमसीएच के चर्म रोग विभाग की ओपीडी में 300 मरीज आए, जिनमें से 148 मरीज सिर्फ फंगल संक्रमण के थे। वहीं पटना एम्स में चर्म रोग विभाग की ओपीडी में 236 मरीजों ने इलाज कराया। पीएमसीएच की ओपीडी में 400 मरीज आए, जिनमें अधिकांश मरीजों में फंगल संक्रमण पाया गया। यह बीमारी पहले बारिश के दिनों में होती थी, लेकिन अब लोग वर्ष भर इससे ग्रसित हो रहे हैं। दो वर्ष के बच्चे से बुजुर्ग तक में संक्रमण बढ़ रहा है।

चर्मरोग विशेषज्ञ डॉ. मधुरेन्द्र सिन्हा ने कहा कि शरीर में नमी रहने से यह बढ़ रहा है। मौसम का भी असर है। गीला कपड़ा पहनना और ठीक से शरीर साफ नहीं करना मुख्य कारण है। वहीं जिन लोगों ने स्टेरॉयड का सेवन किया है, उनमें भी यह बीमारी हो रही है। पीएमसीएच के टीबी एवं चेस्ट विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. पवन कुमार अग्रवाल ने बताया कि पोस्ट कोविड के बाद ओपीडी में दमा, फेफड़े में सिकुड़न, टीबी और सीओपीडी के केस बढ़ गए हैं। रोज तीन से चार मरीज आईएलडी यानी फेफड़े में सिकुड़न के ओपीडी में आ रहे हैं। ये सभी वैसे मरीज है जो कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं और पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाए हैं। खासकर जो कोरोना से गंभीर रूप से पीड़ित थे। 


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