क्या डायबिटीज मरीजों को नहीं खाना चाहिए शरीफा?


बहुत ही लोकप्रिय फल है जिसे भारत में खूब पसंद किया जाता है। इसका स्वाद अन्य फलों से अलग है और इसे खाने का तरीका भी अलग है। भारत में कई जगहों पर इसे सीताफल भो कहा जाता है। शरीफा में कई गुणकारी तत्व मौजूद होते हैं। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है। शरीफे में मौजूद आयरन और कॉपर शरीर में खून की कमी को दूर करने में मददगार साबित होते हैं। शरीफा का सेवन ब्लड प्रेशर को कम करने के साथ ही डायबिटीज के मरीजों के लिए भी काफी फायदेमंद है। भारतीय आयुर्वेद में शरीफा का इस्तेमाल कई बीमारियों के उपचार में किया जाता है।शरीफा में विटामिन बी 6, कैल्शियम, मैगनीशियम और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। अन्नास और केले में जो-जो तत्व मौजूद होते हैं, वे सब तत्व शरीफा में भी पाए जाते हैं। हालांकि जानकारी के अभाव में कुछ लोग कई चीजों में शरीफा का इस्तेमाल न करने की सलाह देते हैं। 

भ्रांति - अगर डायबिटीज हैं तो शरीफा न खाएं।

तथ्य- डायिबटीज में शरीफा फायदेमंद है। ग्लिसिमिक इंडेक्स में शरीफा का नंबर बहुत कम है। खून में ब्लड शुगर की मात्रा को कोई चीज कितनी बढ़ाती है, इसके लिए ग्लिसिमिक इंडेक्स का सहारा लिया जाता है। चूंकि ग्लिसिमिक इंडेक्स में शरीफा का स्तर बहुत कम है, इसलिए डायबिटीज मरीजों को शरीफा खाने की सलाह दी जाती है।

भ्रांति- शरीफा में फैट होता है।

तथ्य- शरीफा विटामिन बी का बेहतरीन स्रोत है। विशेष तौर पर इसमें बी 6 पाया जाता है। यहां तक कि बदहजमी में भी शरीफा का सेवन फायदेमंद होता है। इसलिए इसमें ज्यादा फैट होने की बात गलत है।

भ्रांति - हार्ट पैशेंट को नहीं खाना चाहिए। 

तथ्य - शरीफा में उच्च स्तर के पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें मैंगनीज एवं विटामिन सी जैसे मिनिरल्स पाए जाते हैं, जो हार्ट और सर्कुलेटरी सिस्टम पर एंटी-एजिंग की तरह काम करता है।


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