व्रत में खाएं राजगिरा


बात जब व्रत-उपवास की होती है, तो साबूदाने और कुट्टू के साथ-साथ रामदाना यानि राजगिरे का जिक्र भी फरियाली खाद्य सामग्री में प्रमुखता से लिया जाता है। राजगिरे का प्रयोग विभिन्न फरियाली व्यंजनों में किया जाता है, और लोग इसके बने लड्डू भी चाव से खाते हैं। सिर्फ स्वाद ही नहीं सेहत से जुड़े बेशकीमती फायदे भी देता है राजगिरा। 

राजगिरा प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन ई और विटामिन सी से भरपूर है। इसमें गेहूं की अपेक्षा तीन गुना अधिक फाइबर और 5 गुना अधिक आयरन होता है। इतना ही नहीं, इसमें दूध या अन्य अनाज के मुकाबले दोगुना कैल्‍शियम होता है। 

राजगिरा हड्ड‍ियों को मजबूत करता है और ऑस्ट‍ियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से आपको बचाता है। इसमें मौजूद भरपूर कैल्शियम हड्ड‍ियों के लिए बेहद फायदेमंद है।

राजगिरे को अनाज नहीं माना जाता, इसलिए इसका प्रयोग उपवास में करते हैं। यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करता है और शर्करा के स्तर को भी संतुलित करने में मदद करता है।

इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो तनाव को कम करते हैं और फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। इसमें मौजूद लाइसिन और सिस्टीन बालों को स्वस्थ, मजबूत बनाता है।भरपूर प्रोटीन के कारण जब उपवास में आप इसके व्यंजनों का सेवन करते हैं तो पेट देर तक भरा रहता है और आपको भूख कर एहसास नहीं होता। यह अनाज की तरह ही कार्य करता है।


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