विभिन्न मांगों को लेकर रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल


मुंबई 

महाराष्ट्र स्टेट रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (मार्ड) ने कोरोना काल में फीस माफ करने सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार एक अक्टूबर से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल  शुरू की है। इसके चलते अनेक अस्पतालों की आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हुई हैं। हालांकि आंदोलन रोकने के लिए गुरुवार की रात  सेंट जॉर्ज अस्पताल में चिकित्सा अनुसंधान निदेशालय के निदेशक के साथ मार्ड के पदाधिकारियों की बैठक हुई, लेकिन बैठक में कोई हल नहीं निकला। 

बैठक में सरकार की तरफ से मार्ड को सिर्फ मौखिक आश्वासन दिया गया, लेकिन रेजिडेंट डॉक्टरों ने सरकार से लिखित आश्वासन देने की मांग की। मार्ड के एक सदस्य ने कहा कि आंदोलन के दौरान हमने आपातकालीन सेवाओं को बंद नहीं किया है, क्योंकि मरीजों की सेवाओं से समझौता नहीं किया जा सकता। मार्ड की मांग है कि कोरोना काल के दौरान रेजिडेंट डॉक्टरों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है, जिसे देखते हुए फीस माफ की जानी चाहिए। मनपा अस्पतालों में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टरों से टैक्स लिया जा रहा है, जबकि कोरोना के कारण पहले से ही डॉक्टरों की हालत खराब है, उसके बावजूद उनसे टैक्स वसूलना अनुचित है। पिछले कई महीनों से ट्यूशन फीस माफ करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार हमारी मांग को नजरअंदाज कर रही है।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री करेंगे मार्ड प्रतिनिधियों से चर्चा 

विभिन्न मांगों को लेकर राज्यव्यापी हड़ताल पर गए मार्ड के प्रतिनिधियों से राज्य के चिकित्सा मंत्री अमित देशमुख चर्चा करेंगे। डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से अस्पतालों की सेवाओं पर पड़ने वाले असर को संज्ञान में लेते हुए हड़ताल वापस लेने का अनुरोध करेंगे।


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