‘आप’ सरकार को HC का नोटिस


नई दिल्ली

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार से उस याचिका पर जवाब मांगा है, जिसमें एक टीचर ने उस पर विभाग को कोविड टीकाकरण के लिए दबाव नहीं डालने देने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि वह कुछ बीमारियों से ग्रसित है और टीका लगवाने से उसका स्वास्थ्य और बिगड़ सकता है। जस्टिस रेखा पल्ली की बेंच ने दिल्ली (आप) सरकार को नोटिस जारी कर याचिका पर जवाब मांगा और मामले को अगले साल फरवरी में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया। दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में तैनात शिक्षक ने दिल्ली सरकार के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें 15 अक्टूबर तक सभी स्कूल कर्मियों को टीके की खुराक लेना अनिवार्य किया है और कहा गया है कि ऐसा करने में विफल रहने पर उन्हें स्कूल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही उनकी अनुपस्थिति को छुट्टी की तरह माना जाएगा।

याचिकाकर्ता ने कहा कि वह वर्ष 2018 से हाथ में मासपेशियों के संकुचन संबंधी बीमारी से पीड़ित है। इलाज कराने पर उसे एलोपैथिक इलाज से कोई सुधार नहीं हुआ और इसके बजाय उसकी हालत बिगड़ गई। याचिकाकर्ता ने कहा कि स्कूल के प्रिंसिपल ने उसे 31 अगस्त को कारण बताओ नोटिस दिया, जिसमें अब तक टीकाकरण नहीं करवाने का कारण पूछा गया है। याचिकाकर्ता ने नोटिस का जवाब देते हुए कहा कि केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, टीकाकरण स्वैच्छिक है और अनिवार्य नहीं है और अधिकारियों से अनुरोध किया कि वह उसे इसके लिए मजबूर न करें। वकील अभिमन्यु यादव के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि टीकाकरण इतिहास की सभी संभावनाओं को देखते हुए याचिकाकर्ता की समस्या को और बढ़ा देगा, जो याचिकाकर्ता के लिए जीवन के लिए खतरा होगा।


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