मुकेश अंबानी की हुई REC सोलर होल्डिंग्स


नई दिल्ली

चाइना नेशनल ब्लूस्टार (ग्रुप) का आरईसी सोलर होल्डिंग्स एएस (आरईसी ग्रुप) अब रिलायंस इंडटस्ट्रीज का हो चुका है। आरआईएल की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर लिमिटेड (आरएनईएसएल) ने चाइना नेशनल ब्लूस्टार (ग्रुप) से आरईसी ग्रुप की 100% हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की है। सौदा 77.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर यानी करीब 5792.64 करोड़ रुपए के एंटरप्राइज मूल्य पर तय हुआ है।

रिलायंस आरईसी की बेहतरीन तकनीकों का इस्तेमाल, जामनगर में बनने वाले धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कांप्लेक्स में करेगी, जिसकी क्षमता 4 GW प्रति वर्ष से शुरू करके 10 GW प्रति वर्ष तक बढ़ने की योजना है। जहां आरईसी के पास बेहतरीन सोलर तकनीक है,वहीं रिलायंस के पास बड़े पैमाने पर परियोजना लगाने और उसे उत्कृष्टता से चलाने का दशकों का अनुभव है। दोनों साथ मिलकर धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कांप्लेक्स में अत्याधुनिक नेक्स्ट जनरेशन पूरी तरह से एकीकृत पीवी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाएंगे और बाद में दुनिया भर में इसी तरह की बड़ी निर्माण सुविधाएं लगाई जा सकती हैं। आरईसी के अधिग्रहण से रिलायंस की पहुंच अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और एशिया के साथ दुनिया भर के सौर ऊर्जा बाजारों में हो जाएगी।

1300 से अधिक कर्मचारी

बेहद कम कार्बन फुटप्रिंट वाली आरईसी के पास 600 से अधिक उपयोगिता और डिजाइन पेटेंट हैं, जिनमें से 446 स्वीकृत हैं और शेष का मूल्यांकन किया जा रहा है। आरईसी विश्व स्तर पर एक विश्वसनीय ब्रांड है जो इनोवेशन के लिए जानी जाती है। दुनिया भर में आरईसी में 1,300 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। लेन-देन के बाद वे रिलायंस परिवार का हिस्सा बन जाएंगे। रिलायंस के महत्वाकांक्षी ग्रीन एनर्जी मिशन को गति देंगे। आरईसी की फ्रांस, अमेरिका और सिंगापुर में विस्तार योजनाओं को रिलायंस अपना पूरा सपोर्ट देगी।

क्लीन और ग्रीन एनर्जी लक्ष्य पाने में मिलेगी मदद

इस अधिग्रहण पर रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि मैं आरईसी के अधिग्रहण से बेहद खुश हूं क्योंकि यह सूर्य देव की असीमित और साल भर मिलने वाली सौर शक्ति का दोहन करने में मदद करेगा। यह अधिग्रहण दशक के अंत से पहले 100 गीगावाट क्लीन और ग्रीन एनर्जी बनाने के रिलायंस के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, नई व एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज और परिचालन क्षमताओं में निवेश करने की हमारी रणनीति के अनुरूप है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य 2030 तक भारत में 450 गीगावाट रिन्युएबल ऊर्जा का उत्पादन है और इसे प्राप्त करने में किसी एकल कंपनी का यह सबसे बड़ा योगदान होगा। यह भारत को जलवायु संकट से उबारने और ग्रीन एनर्जी में वर्ल्ड लीडर बनने में मदद करेगा।


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