दो वर्ष बाद शुरू हुई 14 कोस परिक्रमा

अयोध्या 

अयोध्या में नवमी के पुण्य मौके पर 14 कोसी परिक्रमा सुबह 10:22 पर शुरू हुई। 2 वर्षों तक कोरोना के कारण रामनगरी में कोसी परिक्रमा बाधित रही। इस वर्ष रामलला के भव्य मंदिर निर्माण का कार्य शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। दूर-दराज से श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं और भगवान राम के जयकारों के साथ अयोध्या में परिक्रमा शुरू हुई है। हालांकि शुक्रवार सुबह से ही श्रद्धालुओं ने परिक्रमा प्रारंभ कर दी थी, जबकि परिक्रमा का मुहूर्त 10:22 से प्रारंभ था। रामनगरी की 14 कोस की परिक्रमा शनिवार सुबह तक चलेगी। रामनगरी में कोसी परिक्रमा की प्रथा सैकड़ों वर्ष पुरानी है। मान्यता है कि अक्षय नवमी के दिन भगवान राम की नगरी की सांस्कृतिक सीमा के अंदर 14 कोस की परिक्रमा करने से मिला पुण्य जन्म-जन्मांतर तक बना रहता है। पिछले 2 वर्ष से कोरोना के कारण अयोध्या की पारंपरिक परिक्रमा बाधित थी। अब फिर से श्रद्धा के पथ पर श्रद्धालु चल पड़े हैं। रामनगरी में रामलला के मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है। राममंदिर निर्माण का उत्साह श्रद्धालुओं में दिख रहा है। अयोध्या परिक्रमा पथ पर प्रशासन की व्यवस्थाओं से श्रद्धालु संतुष्ट दिखे। यहां परिक्रमा में विविध रंग देखने को मिल रहे हैं। बाराबंकी से आए 40 युवकों के जत्थे ने भगवान राम की नगरी की परिक्रमा की शुरुआत की है। भगवा वस्त्र में श्रद्धालु के साथ पगड़ी धारण कर वे परिक्रमा कर रहे हैं। बहराइच से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि इस वर्ष परिक्रमा में बेहद उत्साह है। रामलला का भव्य मंदिर बन रहा है। परिक्रमा के बाद रामलला का दर्शन करके वे अपने घर लौटेंगे। 42 किलोमीटर लंबी यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं ने कहा कि भगवान राम का स्मरण करने से ही सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।


Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget