प्रदेश में साइबर ठगी में पहली सजा

बिहारशरीफ

किशोर न्याय परिषद के प्रधान दंडाधिकारी मानवेंद्र मिश्र ने साइबर ठगी में आरोपी किशोर को दोषी पाते हुए तीन साल की सजा सुनाई है। रुपयों और एटीएम की बरामदगी के अलावा धोखाधड़ी में भी तीन वर्ष की सजा हुई है। आपराधिक षड्यंत्र रचने के मामले में भी दोषी पाकर छह माह की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। किशोर को स्पेशल होम में रहना होगा। सूबे में साइबर ठगी के मामले में यह पहली सजा है। 

किशोर नवादा जिले के काशीचक थाना क्षेत्र का निवासी है। इस मामले में एक अन्य आरोपी का मामला अन्य कोर्ट में लंबित है। साइबर ठगी मामले में राज्‍य का यह पहला फैसला है। इस फैसले पर परिषद की सदस्य उषा कुमारी ने भी सहमति दी। अभियोजन पदाधिकारी जय प्रकाश ने गवाहों की परीक्षण बहस की। मामले में जज ने गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से बरामद 18 लाख 23 हजार रुपए को आरोपी द्वारा 30 दिनों तक स्वामित्व के संबंध में साक्ष्य नहीं देने पर राशि राज्य सरकार के खाते में जमा करने का आदेश एसपी को दिया है। इस कार्रवाई से परिषद को भी अवगत कराने को कहा है।

साइबर क्राइम के मामले में हो चुकी है सजा

प्रदेश के साइबर क्राइम के नोडल पदाधिकारी सह एसपी हरि प्रसाथ एस ने बताया कि इसके पहले राजगीर से जुड़े साइबर क्राइम में नाबालिग से रेप का वीडियो वायरल करने में पहली सजा सात को सुनाई गई थी। उसके एक साल बाद साइबर ठगी में यह पहली सजा सुनाई गई है। जिसमें आरोपी को तीन साल की सजा सुनाई गई है।  


Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget