दिल्ली से ज्यादा दक्षिण मुंबई की हवा जहरीली

खतरनाक स्तर तक पहुंचा प्रदूषण


मुंबई 

राजधानी दिल्ली सहित देश के उत्तरी राज्यों में बढ़ते हुए प्रदूषण का मुद्दा गरमाया हुआ है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है, लेकिन एक बेहद जरूरी जानकारी यह सामने आई है कि सोमवार को मुंबई की हवा दिल्ली से भी अधिक जहरीली थी। समुद्र से आने वाली हवाएं, हवाओं की रफ्तार का मंद पड़ना और ढेर सारे वाहनों के चलने का अंजाम यह हुआ कि दक्षिणी मुंबई की हवा दिल्ली से भी अधिक जहरीली हो गई. सोमवार को दक्षिण मुंबई में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI)  345 अंक तक जा पहुंचा। जबकि दिल्ली में सोमवार को वायु की गुणवत्ता का निर्देशांक 331 था। इसलिए अब मुंबईकरों को यह चिंता सताने लगी है कि अगर मुंबई में भी प्रदूषण का स्तर दिल्ली से मुकाबला करने लगा तो यहां भी ‘पोल्यूशन लॉकडाउन’ की नौबत ना आ जाए।

मुंबई के कोलाबा में हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित पाई गई. इसके बाद माझगांव का नंबर आता है। यहां हवा की क्वालिटी का इंडेक्स  325 पाया गया। तीसरे नंबर पर बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स की बात करें तो यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 314 और मालाड में 306 पाया गया। अंधेरी भी इनसे बहुत पीछे नहीं है, अंधेरी में एयर क्वालिटी इंडेक्स 259 पाया गया। जब एयर क्वालिटी का इंडेक्स ज्यादा बढ़ने लगता है तो स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा होने लगती हैं। इस वजह से अस्थमा और सांसों से संबंधित बीमारियां पैदा होती हैं।

मुंबई में लगातार बढ़ रहा है तापमान

इधर मुंबई और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में ना सिर्फ हवाओं की क्वालिटी गिर रही है बल्कि सर्दियों में भी गर्मी का एहसास भी बढ़ रहा है। मुंबई में दिन में तापमान अचानक बढ़ जाता है। दिन का तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। तापमान बढ़ने की वजह से भी एयर क्वालिटी में फर्क दिखाई दे रहा है। रविवार की भी बात करें तो हवा की गुणवत्ता 245 एक्यूआई दर्ज की गई थी। मुंबई में दिवाली के दिन भी एयर क्वालिटी इतनी खराब नहीं हुई थी। लक्ष्मीपूजन के दिन एयर क्वालिटी 164 एक्यूआई दर्ज की गई थी। इसके दो दिनों बाद यह 221 एक्यूआई दर्ज की गई थी।

वातावरण में अचानक हुए इस बदलाव की वजह

वातावरण में बदलाव की स्टडी करने वाली संस्था स्काइमेट के विशेषज्ञों की राय में उत्तर पश्चिम की ओर गर्म हवाओं का बहाव शुरू है। इस वजह से शहर में तापमान बढ़ रहा है। 21 और 22 नवंबर तक तापमान इसी तरह से बना रहेगा। इसके बाद तापमान गिरना शुरू होगा। कर्नाटक के किनारे एक चक्रवात जैसी स्थिति तैयार हो रही है। इसलिए यहां कम दाब का क्षेत्र तैयार हो सकता है। इस वजह से मुंबई सहित महाराष्ट्र के तटीय भागों में 18 से 20 नवंबर तक बरसात होने का अनुमान है।


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