समंदर में बढ़ेगी भारत की ताकत


नई दिल्ली

नौसेना ने मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड से पहला गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक ‘पी15बी' प्राप्त किया। 

एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान के मुताबिक, 'विशाखापत्तनम' नाम के इस पोत का निर्माण और वितरण स्वदेशी युद्धपोत निर्माण कार्यक्रमों के मद्देनजर सरकार और नौसेना के लिए मील का पत्थर है। इस पोत का निर्माण स्वदेशी स्टील डीएमआर 249ए का उपयोग करके किया गया है और यह भारत में निर्मित सबसे लंबा विध्वंसक है। इस विध्वंसक पोत की लम्बाई 164 मीटर और विस्थापन क्षमता 7500 टन है। यह पोत सुपरसोनिक सरफेस टू सरफेस ‘ब्रह्मोस' मिसाइल तथा ‘बराक-8' लॉन्ग रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल से लैस है। अंडरसी वारफेयर कैपेबल डिस्ट्रायर में स्वदेशी रूप विकसित एंटी सबमरीन वेपन और सेंसर लगाये गये हैं. साथ ही हेवी वेट टारपीडो ट्यूब लांचर्स, राकेट लांचर्स आदि भी दिए गए है। 

इस जहाज पर 312 कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था है और इसकी क्षमता 4000 नौटिकल माइल की है और यह टिपीकल 42 दिनों के लक्ष्य को पूरा करने में समर्थ है। इस जहाज में उच्च स्तरीय ऑटोमेशन के साथ डिजिटल नेटवर्क भी शामिल है जैसे गीगा बीट इथरनेट आधारित शिप डाटा नेटवर्क (जीईएसडीएन), कम्बेट मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस), ऑटोमैटिक पावर मैनेजमेंट सिस्टम (एपीएमएस) और इंटीग्रेटेट प्लेटफार्म मैनेजमेंट सिस्टम (आईपीएमएस)।


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