शराब के धंधे से जेब भरने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज

पटना

 शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में इस बिंदु पर भी चर्चा हुई कि शराब के धंधे से कुछ अधिकारी अवैध कमाई कर संपत्ति अर्जित कर रहे हैं। डीजीपी एसके सिंघल ने कहा कि ऐसे अधिकारियों की सूची बनाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा बैठक में डीजीपी ने यह जानकारी दी कि अब तक 654 अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ शराबबंदी मामले में विभागीय कार्यवाही चल रही है। वहीं 324 इंस्पेक्टर, दारोगा और सिपाहियों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं।

206 पुलिस वाले हो चुके हैं बर्खास्‍त 

शराबबंदी से जुड़े मामले में अब तक 206 पुलिस अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है। इसमें इंस्पेक्टर, दारोगा व सिपाही शामिल हैं।शराबबंदी कानून के तहत जेल भेजे जाने वाले शराब के धंधेबाज जमानत पर आकर फिर से शराब का धंधा करने लगते हैैं। ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। 

चौकीदार पर भी होगी कार्रवाई

समीक्षा बैठक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा इंटेलीजेंस इनपुट। तय हुआ कि गांव के चौकीदार व दफादार नियमित रूप से अपने थानेदार को यह इनपुट देंगे कि उनके इलाके में कहां-कहां शराब का अवैध धंधा चल रहा।

 अगर वे जानकारी नहीं देते हैैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इंटेलीजेंस इनपुट थाने तक पहुंचा तो उस पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी मानीटरिंग भी थाने के कामकाज की समीक्षा करने वाले अधिकारी करेंगे। उन्हें भी नियमित रूप से इसे देखना है। अगर किसी इलाके में उसकी सीमा से लगे थाना क्षेत्र से होकर शराब की गाड़ी जाती है और छापेमारी में पकड़ ली गई तो संबंधित सीमा क्षेत्र के थानेदार भी जांच की परिधि में आएंगे।

 काल सेंटर की सूचनाओं पर समय-सीमा में करें काम

मुख्यमंत्री का इस पर भी बल रहा कि शराबबंदी की सूचना के लिए बने काल सेंटर पर जो सूचनाएं आती हैं, उस पर कार्रवाई की समय-सीमा कम की जाए। मुख्यालय के स्तर पर इसकी भी मानीटरिंग की जाएगी कि अगर कोई सूचना आई तो कितनी देर में उस कार्रवाई हुई। इसकी भी मानीटरिंग की जाएगी। यह सख्त हिदायत दी गई कि सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाए।


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