अडानी इलेक्ट्रिसिटी का कार्बन फुटप्रिंट कम करने की ओर बढ़ते कदम


मुंबई

अडानी इलेक्ट्रिसिटी ने मुंबई का कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए कदम उठाये हैं। नए उर्जाश्रोत को बढ़ावा देने को लेकर अदानी मुंबई की तीस प्रतिशत से ज्‍यादा बिजली की जरूरतों को ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों से पूरा करेगा। वर्ष 2027 तक इसे और बढ़ाकर सांठ प्रतिशत तक किया जाएगा। यह मुंबई के कुल जीएचजी (ग्रीनहाउस गैस) उत्‍सर्जन के लगभग 16% के बराबर होगा। मुंबई विश्‍व के उन प्रथम महानगरों में से एक बनेगा, जहां इतनी बड़ी मात्रा में बिजली नवीकरणीय ऊर्जा से मिलेगी। कंपनी ने हाल ही में अंतर्राष्‍ट्रीय निवेशकों के लिए यूएस डॉलर वाला बॉन्‍ड के निर्गम के अंतर्गत अपनी प्रतिबद्धता दिखाई थी। अदानी इलेक्ट्रिसिटी अपने उपभोक्‍ताओं के लिए लाइफस्‍टाइल के स्‍थायी विकल्‍पों की पेशकश भी कर रहा है, ताकि वे जलवायु परिवर्तन से लड़ाई में योगदान दे सकें और अपना व्‍यक्तिगत कार्बन फुटप्रिंट कम कर सकें।  एक ग्रीन टैरिफ शुरू किया गया है, जिसमें उपभोक्‍ता ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों से आपूर्ति को चुन सकते हैं। सोलर रूफटॉप इंस्‍टाल करने को बढ़ावा देने के लिए अडाणी 40% तक की सब्सिडी की पेशकश भी कर रहा है। 30000 से ज्‍यादा उपभोक्‍ता इसे अपना चुके हैं और इस प्रकार वार्षिक आधार पर 26000 टन से ज्‍यादा कार्बन डाइऑक्‍साइड का उत्‍सर्जन घटा है, जो लगभग 850000 पेड़ लगाने के बराबर है। और तो और, अदाणी इलेक्ट्रिसिटी पेपरलेस बिल लेने वाले हर उपभोक्‍ता की ओर से एक पौध लगा रहा है। अडानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई में इलेक्ट्रिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए रणनैतिक भागीदारियां कर रहा है। मुंबई के हरे-भरे क्षेत्रों में अपनी तरह की पहली इलेक्ट्रिक व्‍हीकल रैली का आयोजन करने से लेकर शहर में चार्जिंग और बैटरी स्‍वैपिंग के बुनियादी ढांचे को बिजली देने तक, अदानी इलेक्ट्रिसिटी उत्‍सर्जन से मुक्‍त परिवहन को प्रोत्‍साहित करने के लिये प्रतिबद्ध है।


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