योग से बढ़ाएं इम्युनिटी


कोरोना वायरस अर्थात कोविड 19 की महामारी अभी भी पूर्णत: समाप्त नहीं हुई है। जब तक वैक्सीन नहीं लग जाती तब तक मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग रखना जारी रखें। वैक्सीन लगाने के बाद भी यह कार्य तब तक जारी रखें जब तक की महामारी का दौर समाप्त नहीं हो जाता है। इसी के साथ इम्युनिटी बढ़ाने के लिए योग के ये 6 उपाय करें।

अंग-संचालन 

 अंग-संचालन को सूक्ष्म व्यायाम भी कहते हैं। इसे आसनों की शुरुआत के पूर्व किया जाता है। इससे शरीर आसन करने लायक तैयार हो जाता है। सूक्ष्म व्यायाम के अंतर्गत नेत्र, गर्दन, कंधे, हाथ-पैरों की एड़ी-पंजे, घुटने, नितंब-कुल्हों आदि सभी की बेहतर वर्जिश होती है। यह बहुत जरूरी है। इससे व्यक्ति सेहतमंद बना रहता है। रोगों से लड़ने की क्षमता विकसित होती है।

प्राणायाम

 अंग-संचालन करते हुए यदि आप इसमें अनुलोम-विलोम प्राणायाम भी जोड़ देते हैं तो यह एक तरह से आपके भीतर के अंगों और सूक्ष्म नाड़ियों को शुद्ध-पुष्ट कर देगा। प्राणायाम से एक ओर जहां भोजन को पचने में सहयोग मिलता है वहीं यह शरीर के टॉक्सिन को बाहर निकालकर इम्युनिटी बढ़ाता है।

यौगिक आहार 

 अन्न को अच्‍छी भावदशा, ऊर्जावान, साफ-सुथरी तथा शांतिमय जगह पर ग्रहण किया जाए तो वह अमृत समान होता है। ध्यान में रखना चाहिए कि भोजन तरल, सुपाच्य, पुष्टिकारक और सुमधुर हो। गाय के दूध से बनी चीजें हों। इस प्रकार के भोजन से व्यक्ति आजीवन निरोगी बना रहता है। तीन तरह के आहार होते हैं सात्विक, राजसिक और ता‍मसिक, परंतु हम यहां आपको यौगिक आहार के बारे में बताएंगे। योग में अन्न के कुछ प्रकार बताते हुए कहा गया है कि क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। मूलत: इसके तीन प्रकार हैं- मिताहार, पथ्यकारक और अपथ्यकारक।

व्रत 

 जीवन में व्रत का होना जरूरी है। व्रत ही संयम, संकल्प और तप है। आहार-विहार, निंद्रा-जाग्रति और मौन तथा जरूरत से ज्यादा बोलने की स्थिति में संयम से ही स्वास्थ्य तथा मोक्ष घटित होता है। व्रत भी प्राणायाम की तरह शरीर के टॉक्सिन को बाहर निकालकर इम्युनिटी बढ़ाता है।

मालिश

बदन की घर्षण, दंडन, थपकी, कंपन और संधि प्रसारण के तरीके से मालिश कराएं। इससे मांस-पेशियां पुष्ट होती हैं। रक्त संचार सुचारू रूप से चलता है। इससे तनाव, अवसाद भी दूर होता है। शरीर कांतिमय बनता है। शरीर में यदि रक्त संचार सुचारू होगा तो किसी भी प्रकार का रोग या बीमारी नहीं होगी।

योग हस्त मुद्राएं 

 योग की हस्त मुद्राओं को करने से जहां निरोगी काया पायी जा सकती हैं वहीं यह मस्तिष्क को भी स्वस्थ रखती है। हस्तमुद्राओं को अच्‍छे से जानकर नियमित करें तो लाभ मिलेगा। यह मुद्राएं हर तरह के रोग में लाभदायक होती है और करने में भी बहुत सरल हैं।


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