फिर उठा कारसेवकों की मौत का मुद्दा

CM से पीड़ित परिवारों को 1 करोड़ की सहायता व नौकरी की मांग

अयोध्या

राम मंदिर के निर्माण का कार्य इन दिनों जोर-शोर से चल रहा है राम मंदिर के लिए हुए आंदोलन के लिए कई कारसेवकों ने अपनी जान गंवा दी थी। ऐसे में मंदिर निर्माण के दौरान उन लोगों की याद आना लाज़मी है। हाल ही मंदिर आंदोलन में शहीद हुए कारसेवकों के लिए मंदिर के संत परमहंस दास भावुक हो गए और उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शहीदों के लिए एक करोड़ रुपए की मांग की। साथ ही वे चाहते हैं कि शहीदों के परिवार के किसी भी एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाए ताकि परिवारजनों की मदद की जा सके। साथ ही संत ने सभी भक्तों से भी आर्थिक मदद देने की अपील की है। संत परमहंस का मानना है कि मंदिर का निर्माण काफी जोर शोर से हो रहा है ऐसे में उन लोगों की शहादत को नहीं भूलना चाहिए, जिन्होंने अपनी जान देकर मंदिर को बचाने में मदद की शहीद कार सेवकों की शहादत के बल पर राम मंदिर की आधारशिला रखी गई ऐसे में समय-समय पर राम मंदिर के लिए शहीद हुए कारसेवकों के परिवार के लिए कई समाजसेवी संगठन और संत महंत आवाज भी उठाते रहे। संत परमहंस दास ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में भी उन शहीद कारसेवको के परिजनों को यथाशक्ति मदद करते रहेंगे।

संत परमहंस ने शहीद कारसेवकों के परिजनों को एक करोड़ रुपया तथा एक सरकारी नौकरी देने की मांग की है, क्योंकि उनका कहना है कि राम मंदिर निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण योगदान शहीद कार सेवकों का है ऐसे में उनके परिवार की उपेक्षा बेहद तकलीफ देय है। साथ ही राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट भी उनका सहयोग और सम्मान करें परमहंस दास ने अपील किया कि समाज में भी जो लोग सक्षम है, जिसमें साधु संत धर्माचार्य और अयोध्यावासी सभी लोग शहीद कारसेवकों के परिजन का यथाशक्ति सहयोग करें। संत परमहंस दास ने कहा कि आज देश को जो खुशी मिली है, जो त्रेता की अयोध्या जीवंत हुई है उसमें सबसे महत्वपूर्ण योगदान राम मंदिर आंदोलन में शहीद हुए कार सेवकों का है। 


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