नेता नहीं, तीसरा मोर्चा जरूरी

ममता के नेतृत्व पर बोलने से बचे शरद पवार

sharad pawar

मुंबई

राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रमुख शरद पवार ने कहा कि केंद्र की मौजूदा सरकार के विकल्प के रूप में तीसरे मोर्चे की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तीसरे मोर्चे का नेता कौन होगा, फिलहाल यह तय नहीं है। इस मामले में नेता से ज्यादा तीसरे मोर्चे का वजूद अहमियत रखता है।

नागपुर में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में एनसीपी अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र की मौजूदा एनडीए सरकार के सामने फिलहाल कोई सक्षम विकल्प नजर नहीं आता। यदि 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को हराना है तो सक्षम विकल्प जरूरी है। पवार ने बताया कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सभी विपक्षी नेता आपस में बात कर इस बारे में निर्णय करेंगे। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कि जीत के चलते ममता बनर्जी को तीसरे मोर्चे के नेता के रूप में देखा जा रहा है। इससे जुड़े सवाल पर पवार ने कहा कि सभी दल साथ आएंगे तभी सरकार के विकल्प के रूप में तीसरा मोर्चा बन पाएगा। नतीजतन, तीसरे मोर्चे का चेहरा कौन होगा, यह ज्यादा अहमियत नहीं रखता। पवार ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों का बीजेपी के खिलाफ लामबंद होना जरूरी है।

देशमुख का किया बचाव

इस अवसर पर महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री और एनसीपी नेता अनिल देशमुख का पवार ने पुरजोर बचाव किया। देशमुख से जुड़े मुद्दे पर पवार ने कहा कि मुंबई के तत्कालीन पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद निष्पक्ष जांच के लिए देशमुख ने त्यागपत्र दिया। देशमुख पर एकसाथ ईडी, सीबीआई और इन्कम टैक्स की कार्रवाई हुई। इसके बावजूद वह जांच एजेंसियों को सहयोग करते रहे। इसी के चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा। पवार ने सवाल किया कि जिन परमबीर के आरोपों के बाद देशमुख जेल गए, वही फिलहाल कहां हैं? इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। एनसीपी अध्यक्ष ने आरोप लगाने वाले के फरार होने के बावजूद एक पूर्व मंत्री को जेल भेजने पर आश्चर्य व्यक्त किया। साथ ही पवार ने देशमुख को साजिश का शिकार बताया।

गडकरी सक्षम नेता

महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके से जुड़े मुद्दों पर पवार ने बिना फड़नवीस का नाम लिए कहा कि विदर्भ के नेता को राज्य का मुख्यमंत्री पद मिलने के बावजूद विदर्भ का पिछड़ा होना अपने आप में नेतृत्व की खामियों को चिह्नित करता है। पवार ने केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी को सक्षम नेता करार दिया। बतौर पवार नितिन गडकरी दलगत राजनीति से हटकर जनता कि सेवा करते हैं। सभी पार्टियों के नेता उनसे संतुष्ट हैं। बतौर पवार यदि प्रधानमंत्री गडकरी जैसे नेताओं को मजबूती प्रदान करें तो जनता की समस्याओं का तेजी से और सटीक रूप से समाधान होगा।

रजा अकादमी से किया किनारा

त्रिपुरा की कथित घटनाओं के प्रतिक्रिया स्वरूप महाराष्ट्र के कुछ शहरों में फैली हिंसा में रजा अकादमी की संलिप्तता के आरोप लग रहे हैं। साथ ही राज्य में रजा अकादमी पर पाबंदी लगाने की मांग हो रही है। इससे जुड़े सवाल पर शरद पवार ने कहा कि इस मामले की जांच चल रही है। ऐसे में किसी को पहले से चिह्नित कर बयान देना उचित नहीं होगा। पवार ने हिंसा में रजा अकादमी की सहभागिता पर कुछ और कहने से इनकार किया।


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