निजी अस्पतालों के लिए मुसीबत बनी कोरोना वैक्सीन

मुंबई

देश में कोरोना टीकाकरण का काम तेजी से जारी है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन की दोनों खुराक लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ऐसे में खबर मिली है कि निजी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए कोरोना वैक्सीन की खुराकें परेशानी का सबब बन गई हैं। निजी अस्पताल वैक्सीन के थोक खरीदारों को 10 से 30 फीसदी डिस्काउंट पर वैक्सीन मुहैया करा रहे हैं। दरअसल निजी क्षेत्र ने वैक्सीन डोज का बड़ा स्टॉक खरीदकर रखा हुआ है। इसकी कीमत करोड़ों में है, लेकिन लोगों के न आने के चलते अब यह स्टॉक फंस गया है। ऐसे में बड़े नुकसान से बचने के लिए थोक खरीदारों को छूट के साथ ये स्टॉक बेचा जा रहा है। इस बीच, कई अस्पतालों ने निर्माताओं से बिना बिके माल को वापस करने के लिए संपर्क किया है।

तीन लाख से भी कम लोगों ने लगवाई पेड वैक्सीन

रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई के अस्पतालों में फिलहाल 85 फीसदी से ज्यादा बिना बिकी खुराकें उपलब्ध हैं। ये उस स्थिति के एकदम उलट है जो मई-जून में थी, जहां निजी क्षेत्र को मुश्किल ने वैक्सीन मिल पा रही थी। अक्टूबर के आखिरी हफ्ते तक निजी क्षेत्र के पास 47 लाख वैक्सीन खुराक मौजूद थीं। अक्टूबर में शहर में निजी क्षेत्र के टीकाकरण में गिरावट देखी गई है, जहां तीन लाख से भी कम लोगों ने पेड वैक्सीन लगवाई है। बताया जा रहा है कि मालाड के संजीवनी अस्पताल में कोविशील्ड की 44 लाख रुपए की 7,000 खुराक हैं, जिन्हें फिलहाल कोई लेने वाला नहीं है।


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