सेटेलाइट से अवैध निर्माणों पर नजर

सीएम के आदेश के बाद मनपा की कवायद  ।  नए प्रयोग पर खर्च होंगे 11 करोड़ रुपए

buildings

मुंबई

अवैध निर्माण की समस्या दूर करने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक माह पूर्व मनपा सहित पुलिस को चौकन्ना रहने की सलाह दी थी. उन्होंने कहा था कि जिन इलाकों में अवैध निर्माण होता पाया गया, वहां के अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए मनपा प्रशासन ने अब अवैध झोपड़ों पर कार्रवाई करने के लिए सेटेलाईट का सहारा लेने का निर्णय लिया है। 

उल्लेखनीय है कि इसके लिए मनपा 1990 से 2020 तक की तस्वीरों को खंगालेगी। इससे किन इलाकों में कितना अवैध निर्माण हुआ है इसका डेटा जमा किया जाएगा। मनपा इस प्रयोग के लिए 11 करोड़ 20 लाख रुपए खर्च करेगी। यह प्रयोग 3 साल तक चलेगा। बता दें कि मुंबई हाईकोर्ट ने 2018 में बढ़ते अवैध निर्माणों पर अत्याधुनिक तकनीक से नजर रखने का निर्देश दिया था। उसके बाद मनपा ने 360 डिग्री से शहर का सर्वेक्षण किया था। मनपा अब इसी तरह सेटेलाइट के माध्यम से अवैध निर्माणों की जांच करेगी और अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करेगी।

1960 के बाद के भी फोटो नहीं 

मुंबई में 1960 के पहले के घरों को वैध माना जा रहा है। मनपा ने इसी के चलते 1960 के बाद के फोटो पर अभ्यास करने का निर्णय लिया है। लेकिन संकट यह है कि 1960 के बाद के भी फोटो नहीं मिल पा रहे हैं। इस तरह की जानकारी निविदा प्रक्रिया में शामिल होने वाली कंपनियों की ओर से दी गई है. जिसके चलते मनपा ने 1990 के बाद से फोटो का अभ्यास करने का निर्णय लिया है। सेटेलाईट की फोटो से मनपा के पास उपलब्ध जानकारी को मैच किया जाएगा। इसी आधार अवैध निर्माण का अभ्यास किया जाएगा। इसी के चलते मनपा नया सॉफ्टवेयर खरीद रही है।


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