अस्पताल से सीएम की ऑनलाइन उपस्थिति

कैबिनेट की बैठक में हुए शामिल, लिए कई फैसले  


मुंबई 

गर्दन की सर्जरी के बाद एचएन रिलायंस अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को अस्पताल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल हुए। बैठक की शुरुआत में उपमुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों की तरफ से उन्हें शुभकामनाएं दी। ठाकरे ने कहा कि बीमारी के दौरान आप सभी ने जो सहयोग दिया, उसके लिए आप सभी का धन्यवाद। उन्होंने कहा कि सर्जरी के बाद डॉक्टरों की देखरेख में फिजियोथेरेपी की जा रही है।  

इस दौरान मंत्रिमंडल की बैठक में कोरोना की स्थिति, टीकाकरण, फसल, पानी की स्थिति आदि विषयों पर चर्चा हुई। परिवहन मंत्री अनिल परब ने इस दौरान एसटी हड़ताल के संदर्भ में उठाए गए कदमों की जानकारी दी। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि कोरोना की वजह से यूरोप में स्थिति बिगड़ती जा रही है, ऐसे में महाराष्ट्र में सावधानी बरतने की जरूरत है। कम टीकाकरण वाले जिलों में जल्द से जल्द टीकाकरण पूरा किया जाए और टेस्टिंग बढ़ाई जाए। कोरोना का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है, ऐसे में सभी को स्वास्थ्य नियमों का पालन करने की पूरी कोशिश करनी चाहिए।

अन्‍ना हजारे की तबियत का लिया हाल-चाल

इस बीच वरिष्ठ समाज सेवक अन्‍ना हजारे की तबियत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में दाखिल कराया गया है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने उनकी तबियत का हालचाल जाना और उन्हें जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

मुंबई में होगा शीतकालीन अधिवेशन  

महाराष्ट्र विधानमंडल का शीतकालीन अधिवेशन नागपुर के बजाय मुंबई में होगा। गुरुवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस बात पर चर्चा हुई। अधिवेशन के लिए 22 से 28 दिसंबर के बीच की अवधि प्रस्तावित की गई है।

सोमवार को अधिवेशन के संदर्भ में संसदीय कामकाज सलाहकार समिति की बैठक होगी। जिसमें अधिवेशन की तारीख को अंतिम रूप दिया जाएगा। सत्र 22 से 28 दिसंबर के बीच आयोजित होगा। पिछले साल भी नागपुर में होने वाला शीतकालीन सत्र मुंबई में आयोजित हुआ था। नागपुर करार के अनुसार साल में एक सत्र नागपुर में होना आवश्यक है। ऐसे में विपक्षी दलों के सरकार पर हमला करने की संभावना है।   शीतकालीन सत्र को लेकर पिछले कई दिनों से चर्चाओं का बाजार गर्म था। मुख्यमंत्री की तबियत और अन्य वजहों से शिवसेना मुंबई में ही अधिवेशन करना चाहती थी, जबकि कांग्रेस की इच्छा नागपुर में अधिवेशन कराने की थी। जुलाई में वर्षाकालीन सत्र के सत्रावसान के वक्त नागपुर में 7 दिसंबर से शीतकालीन आयोजित करने की घोषणा की गई थी, लेकिन नागपुर में सत्र आयोजित करने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कोई हलचल दिखाई नहीं दे रही थी। अधिवेशन के एक माह पूर्व कामकाज सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की जाती है, लेकिन यह बैठक भी नहीं हुई, इससे सत्र के आगे टलने की संभावना बन गई थी। मुख्यमंत्री की सर्जरी हो चुकी है, लेकिन उन्हें अभी तक अस्पताल से छुट्टी नहीं मिली है। ऐसे में महाविकास आघाड़ी के प्रमुख मंत्रियों ने मुंबई में ही अधिवेशन कराने का प्रस्ताव रखा। बता दें कि कोरोना संक्रमण की वजह से वर्ष 2020 में नागपुर में एक भी अधिवेशन नहीं हुआ था। विधानमंडल के तीनों अधिवेशन मुंबई में ही आयोजित किए थे। नागपुर में वर्ष 2019 के दिसंबर में शीतकालीन सत्र का आयोजन किया गया था।


Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget