यूपी को सौगात

जैसे हरक्यूलिस सी-130 को लैंड करने के लिए ज्यादा रनवे की जरूरत नहीं होती और ये खराब से खराब मौसम में भी उड़ान भरने और लैंडिंग करने में सक्षम होता है, ठीक वैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास के इस एक्सप्रेस-वे को चुनावी अखाड़ा बनाने वालों को जबर जवाब दिया। अपने स्पीच की शुरुआत जैसा देश वैसा भेष वाले अंदाज से की। भोजपुरी लहजे में जैसे ही …जौने धरती पर हनुमान जी कालनेमी के बध किए रहे उ धरती के लोगन के हम पांव लागित है …की आवाज निकली, नौ जिले से जुटे लोगों के दिलों के तार बज उठे। बात भले ही उद्घाटन की हो पर चुनावी ना हो तो बेमानी ही लगे। 2018 में जिसकी आधारशिला रखी, उसी को जनता को समर्पित करने आए मोदी ने सीधे-सीधे तीन मैसेज दिए, जिसमें पहला विकास, दूसरा योगी की तारीफ और तीसरा विपक्ष को नकारा बताना। लखनऊ से गाजीपुर को जोड़ने वाले इस 341 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस वे के किनारे जमा भीड़ के सामने और वर्चुअल जुड़े लोगों को उन्होंने बता दिया कि विकास के मामले में हमसे कोई आगे नहीं है। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेस-वे यूपी के विकास का है, प्रगति का है और प्रदेश की मजबूत होती अर्थव्यवस्था का है। अपनी स्पीच में उन्होंने साफ संदेश दिया कि यहां कोई जातिवाद नहीं, कोई क्षेत्रवाद नहीं, बल्कि सबका साथ सबका विकास के मंत्र पर काम हो रहा है। 14 मिनट में जैसे हरक्यूलिस सी-130 जो दुनिया का सबसे बड़ा मालवाहक विमान है, 28 हजार फीट पर उड़ सकता है। ठीक वैसे ही यहां योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में कम समय में काम हुआ है। सीएम आदित्यनाथ पर सवाल उठाने वालों को करारा जवाब देते हुए मोदी बोले कि भाजपा सरकार में जिस तरह से उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेस प्रदेश बनाया जा रहा है, वह आजादी के बाद पहली बार हो रहा है। जिस तरह से यूपी में विकास हो रहा है उससे साफ है कि इसका भाग्य बदलना शुरू हो गया है। पहले कितनी बिजली कटौती होती थी, कौन भूल सकता है कि यूपी में कानून व्यवस्था की क्या हालत थी, यहां मेडिकल सुविधा की क्या व्यवस्था थी? लेकिन हमारी सरकार आने के बाद काफी हद तक ये समस्या दूर हो चुकी है। यूपी की सियासी जमीन पर अपने मजबूत विपक्ष पर भी जमकर मोदी ने हल्ला बोला। सीधे-सीधे अखिलेश सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि विकास यदि यहां देर से पहुंचा है तो, इसकी एकमात्र वजह वो ही थे। इन्होंने मेरा साथ नहीं दिया था। यहां का सांसद होने के नाते मैं यहां के लिए और यहां के लोगों के लिए बहुत कुछ करना चाहता था, पर सूबे में विपक्ष की सरकार होने की वजह से कामों को अमलीजामा पहनाने में काफी दिक्कत हुई। पर अब जो आप देख रहे हैं वो सब डबल इंजन की सरकार के कारण ही संभव हो पाया है। जमीनी जानकारों की मानें तो आज की तारीख में सपा काफी मजबूत मानी जा रही है पर उसके मुखिया पर यह कहते हुए करारा वार किया कि उनको तो मेरे साथ खड़े होने में भी दिक्कत होती थी। मतलब साफ है कि पिछली सरकार ने जनता के लिए, उनके भविष्य के लिए भी मेरे अगल बगल आना मुनासिब नहीं समझा।

सुल्तानपुर यूपी के अवध क्षेत्र में आता है और इस इलाके में श्रीपति मिश्र का दबदबा रहा करता था। इसके अलावा सुल्तानपुर, रायबरेली, प्रतापगढ़, जौनपुर, लखनऊ, इलाहाबाद, बस्ती, गोंडा समेत अवध के बड़े इलाके में ब्राह्मणों की अच्छी खासी आबादी है। ऐसे में श्रीपति मिश्र के अपमान का जिक्र कर एक तरफ पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोला तो वहीं ब्राह्मण बिरादरी को साधने की भी कोशिश की। सुल्तानपुर में बनी हवाई पट्टी पर राफेल, सुखोई और मिराज जैसे लड़ाकू विमानों का टच एंड गो ऑपरेशन हुआ। विमानों ने आकाश में अंग्रेजी के आठ का आकार बनाने के साथ ही तिरंगा भी बनाकर लोगों की तालियां बटोरी। 3.2 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी के पास ही मिराज में फ्यूल भी भरा गया। करीब 40 मिनट के एयर शो में 30 लड़ाकू विमानों ने करतब दिखाए। एयर शो से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वायुसेना के विमान से ही सीधे एक्सप्रेस-वे पर ही उतरे। वे हरक्युलिस विमान से किसी एक्सप्रेस-वे पर पहुंचने वाले पहले प्रधानमंत्री बन गए। इसके बाद प्रधानमंत्री के सामने ही एयरफोर्स के विमानों ने इतिहास रचा। वायुसेना के मिराज-2000 मल्टीरोल फाइटर ने एक्सप्रेस-वे पर बनाई गई इमरजेंसी एयरस्ट्रिप पर लैंडिंग की। एयर स्ट्रिप के बगल में ही मिराज में फ्यूल भी भरा गया। इसके बाद कमांडोज को लेकर एयरफोर्स का ट्रांसपोर्ट प्लेन AN-32 हाईवे पर उतरा। इन कमांडोज ने ऑपरेशन को अंजाम देने का नजारा भी पेश किया। इसके अलावा सुखोई, मिराज, राफेल, एएन 32, सूर्यकिरण जैसे विमानों ने करतब दिखाए। राफेल फाइटर प्लेन पहली बार भारत की किसी सड़क पर उतरे।

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