विराट सेना पर आलोचनाओं की बारिश

मानसिक तौर पर कमजोर है टीम इंडियाः गंभीर


नई दिल्ली

विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम इंडिया रविवार को यूएई और ओमान में खेले जा रहे टी-20 वर्ल्ड कप में हार का सिलसिला नहीं रोक सकी और न्यूजीलैंड से आठ विकेट से हार गई। इस हार के साथ ही टीम की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। टीम की इस शर्मनाक हार से दिग्गज भारतीय खिलाड़ी भड़के उठे हैं और कप्तान विराट की रणनीति पर जमकर सवाल उठाए हैं। इसमें  भारत के पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर का भी नाम शामिल है, जिन्होंने टीम की बड़ी कमी को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि यह भारतीय टीम उतनी मेंटल टफ नहीं है, जो नॉकआउट मैचों के दबाव को झेल सके। गंभीर ने बताया कि टीम इंडिया के पास कई बेहतरीन खिलाड़ी हैं और टीम बहुत खतरनाक है, लेकिन बड़े मैचों में जीत हासिल करने के लिए आपका माइंडसेट भी उस तरह का होना चाहिए। जब तक आप मजबूत मानसिकता के साथ मैदान में नहीं उतरेंगे, तब तक आपको सफलता नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच क्वार्टर फाइनल की तरह था। इस तरह के मैचों में गलती की गुंजाइश बिल्कुल नहीं होती है और आपको किसी भी सूरत में मैच जीतना होता है। 

बाइलेटरल सीरीज में वापसी का मौका हमेशा रहता है, लेकिन इस तरह के मैचों में पिछड़ने के बाद वापसी का मौका नहीं मिलता है।

खिलाड़ियों के साथ जो विराट ने किया वो गलतः पठान

पूर्व भारतीय आलराउंडर इरफान पठान ने भी हैरानी जताई है। कोहली के फैसले को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ऐसे बड़े टूर्नामेंट में आप इस तरह से प्लेइंग इलेवन के साथ बदलाव नहीं कर सकते हैं वो भी सिर्फ एक ही मैच खेलने के बाद, तब जबकि आपको मन के मुताबिक नतीजे चाहिए। खिलाड़ियों को स्थापित होने के लिए वक्त चाहिए होता है और मैं तो इस बात को लेकर भी हैरान हूं कि आपने यह फैसला कुछ बड़े नामों को लेकर किया। भारतीय कप्तान ने पाकिस्तान के खिलाफ मिली हार के बाद प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए थे। सूर्यकुमार यादव की जगह इशान किशन को खिलाया गया था, जबकि शार्दुल ठाकुर ने प्लेइंग इलेवन में भुवनेश्वर कुमार की जगह ली थी। ओपनिंग में रोहित शर्मा की जगह इशान को केएल राहुल के साथ भेजा गया था।

खिलाड़ी रोबोट नहीं हैं, उन्हें हर समय आपका सपोर्ट चाहिएः पीटरसन

इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज केविन पीटरसन ने हिंदी में ट्वीट करते हुए लिखा, खेल में एक विजेता और एक हारने वाला होता है। कोई भी खिलाड़ी हारने के लिए बाहर नहीं जाता है। अपने देश का प्रतिनिधित्व करना सबसे बड़ा सम्मान है। कृपया महसूस करें कि खिलाड़ी रोबोट नहीं हैं और उन्हें हर समय समर्थन की आवश्यकता है। वहीं, भारतीय टीम के आफ स्पिनर हरभजन सिंह ने कहा कि हमें भारतीय खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त नहीं होना चाहिए। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, आइए अपने खिलाड़ियों पर कठोर न हों। हां, हम उन्हें बेहतर क्रिकेट के लिए जानते हैं। ऐसे नतीजों के बाद सबसे ज्यादा खिलाड़ियों को दुख होता है, लेकिन मैच जीतने के लिए न्यूजीलैंड ने अच्छा किया। वे सभी विभागों में शानदार थे।


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