उपनगर जिले में तेजी से होंगे विकास कार्य

पालक मंत्री ने जिला वार्षिक योजना प्रारूप के कार्यों की समीक्षा की      मुंबई को साफ सुथरा-आकर्षक बनाने को वरीयता


मुंबई

राज्य के पर्यटन, पर्यावरण तथा मुंबई उपनगर के पालक मंत्री आदित्य ठाकरे ने मुंबई उपनगर जिला वार्षिक योजना प्रारूप के कार्यों की समीक्षा की। पालक मंत्री ने इस मौके पर कहा कि वर्ष 21-22 की योजना के ड्राफ्ट के अनुसार उपनगरीय जिले में सुविधाओं के निर्माण सहित विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने काम गुणवत्तापूर्ण और तय समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

बुधवार को एमएमआरडीए के सभागार में आदित्य ठाकरे की अध्यक्षता में जिला नियोजन समिति के वर्ष 2021-22 के प्रारूप में शामिल कार्यों की समीक्षा की गई। इस मौके पर अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक, मुंबई शहर के पालक मंत्री असलम शेख, परिवहन मंत्री अनिल परब, विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर, मुंबई के सांसद, विधायक, नगरसेवक, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव और पालक सचिव आशीष कुमार सिंह, मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल, एमएमआरडीए आयुक्त एसवीआर श्रीनिवास, कलेक्टर निधि चौधरी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सुझावों को संज्ञान में लेने के साथ साथ कार्यों की गति बढ़ाई जाए। साथ ही उनके सुझाव पर हुए कार्यों से उन्हें अवगत कराया जाए। मंत्री नवाब मलिक ने सुझाव दिया कि ईस्टर्न एक्सप्रेस-वे पर सुरंग के पास की झोपड़ियों को हटाया जा सकता है और वहां एक हैंगिंग गार्डन जैसा बगीचा बनाया जा सकता है। साथ ही ट्रॉम्बे में जेट्टी भी विकसित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि खार में आईआईटी के नजदीक की जगह का विकास हम कौशल विकास की एक अभिनव योजना के तहत करेंगे। मुंबई उपनगर जिले के लिए वर्ष 2021-22 में सर्वसाधारण योजना के लिए 440 करोड़, अनुसूचित जाति उपाय योजना के लिए 51 करोड़ तथा आदिवासी उपयोजना क्षेत्र से बाहर की योजनाओं के लिए 5.59 करोड़ रुपए को मिलाकर कुल 496.59 करोड़ रुपए का प्रारुप मंजूर है। इसमें मुंबई के सौंदर्यीकरण के लिए अनुदान,  मलिन बस्तियों में सुरक्षात्मक दीवारों का निर्माण, मछली पकड़ने के छोटे बंदरगाह, बंदरगाह विकास और यात्री सुविधाएं, सरकारी कॉलेजों का विकास, पर्यटन विकास, संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान का विकास, अतिक्रमण की रोकथाम, बुनियादी ढांचा, बिजली विकास, कौशल विकास, अस्पताल उन्नयन, पुस्तकालयों का विकास, पिछड़े वर्गों का कल्याण आदि को शामिल किया गया है।



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