अब हिंदू मार नहीं खाएगा

अमरावती में हिंदुओं की सहज प्रतिक्रिया


मुंबई

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि त्रिपुरा में घटना घटी या नहीं, यह सवाल है, लेकिन इसके लिए अमरावती, नांदेड, मालेगांव में अशांति फैलाने कितना उचित है? ऐसे में अमरावती में जो कुछ हुआ, वह हिंदुओं की सहज प्रतिक्रिया थी कि अब हिंदू मार नहीं खाएगा। वे पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम के पहले पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 1993 के दंगों में हिंदू सम्राट बाला साहेब ठाकरे ने अहम भूमिका निभाई थी,नहीं तो मुंबई में हिंदू जीवित नहीं बचे होते।      

अमरावती की घटना पर बोलते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि त्रिपुरा में हो कुछ हुआ, उसकी सटीक जानकारी किसी को नहीं है। इस बारे में एक वीडियो बनाकर वायरल किया गया। इसके बाद अमरावती, नांदेड और मालेगांव में अशांति फैलाई गई। 15 से 20 हजार लोगों ने सड़कों पर उतरकर पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता सहित अनेक लोगों के कार्यालय में तोड़फोड़ की। इसका क्या संबंध है? इस वजह से यदि शनिवार की घटना में भाजपा का हाथ है, तो क्या इसके पहले जो तोड़फोड़ की घटना हुई उसमें संजय राऊत का हाथ है? पाटिल ने कहा कि कहा कि अमरावती में शनिवार को जो कुछ हुआ, उसमें एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी कि अब हिंदू मार नहीं खाएगा। यह भड़काने की बात नहीं है, सच बोलना हमारी संस्कृति है। कारण जैसे हम आरएसएस के कार्यकर्ता हैं, वैसे ही हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे की वंदना करने वाले कार्यकर्ता भी हैं। दिवंगत हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे ने 1993 के दंगों में महत्वपूर्ण भूमिका नहीं निभाई होती तो मुंबई में हिंदू नहीं बच पाते। बाला साहेब के वारिस अमरावती, नांदेड, मालेगांव में हुई घटना पर कुछ बोलेंगे नहीं।  वे कह रहे हैं कि शनिवार की सहज प्रतिक्रिया में भाजपा का हाथ है; तो यह ठीक है। भाजपा नेताओं की धरपकड़ पर बोलते हुए पाटिल ने कहा कि अमरावती, नांदेड, मालेगांव में शुक्रवार को जो हुआ, उसमें जिस-जिस का हाथ है, उन्हें पहले गिरफ्तार किया जाए।


Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget