चौपाल, पंचायत और उत्तर भारतीय

भाजपा ने बढ़ाया उत्तर भारतीयों का मान   आरएन सिंह के बाद राजहंस सिंह भाजपा से दूसरे उत्तर भारतीय एमएलसी


मुंबई

मुंबई में भाजपा की चौपाल पिछले कुछ महीनों से काफी चर्चा में है। भाजपा ने विधानपरिषद की उम्मीदवारी पूर्व विधायक राजहंस सिंह को देकर मुंबई मनपा चुनाव के ऐन मौके पर ट्रंप कार्ड खेला है। इस खेल से भाजपा ने चौपाल को और अधिक चर्चा में ला दिया है। चौपाल के संयोजक और मुंबई भाजपा के उपाध्यक्ष राजहंस सिंह को विप की उम्मीदवारी मिलना चौपाल की पहली सफलता का आगाज माना जा रहा है। यह भी एक संयोग ही है कि पहली चौपाल, दिंडोशी विधान सभा में ही लगी थी। जहां से राजहंस विधायक रह चुके हैं। इस चौपाल का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री व विपक्ष नेता देवेंद्र फडणवीस ने किया था। वर्ष 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में फडणवीस ने कांग्रेस से आए राजहंस सिंह को टिकट देने का वादा किया था। लेकिन शिवसेना से चुनावी गठबंधन होने के कारण फडणवीस उन्हें एडजस्ट नहीं कर पाए थे। फडणवीस के नेतृत्व में उत्तरभारतीयों का कद बढ़ा है। उत्तरभारतीय संघ के अध्यक्ष आर.एन. सिंह पहले उत्तर भारतीय हैं, जिन्हें भाजपा ने विधानपरिषद में भेजा। आर.एन. सिंह के बाद भाजपा से राजहंस दूसरे उत्तर भारतीय होंगे, जो एमएलसी होंगे।

निर्णायक भूमिका में उत्तर भारतीय मतदाता

मुंबई मनपा में 227 से बढ़कर इस बार 236 सीटें हो गई हैं। इनमें से184 वार्ड में औसतन उत्तरभारतीय वोटरों की संख्या 2 हजार से लेकर 16 हजार है। प्रतिशत में देखा जाय तो इन वार्डों में 5 फीसदी से लेकर 53.47 फीसदी उत्तर भारतीय हैं। 63 वार्ड ऐसे हैं जहां उत्तर भारतीय वोटर 25 प्रतिशत से ज्यादा हैं। मुंबई शहर की 6 सीटों पर 25 प्रतिशत से ज्यादा उत्तर भारतीय मतदाता हैं। पूर्वी मुंबई उपनगर से ज्यादा पश्चिमी उपनगर में उत्तरभारतीय मतदाता हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि मुंबई मनपा चुनाव में उत्तर भारतीय मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। वर्ष 2014 में हुए चुनावों से उत्तरभारतीय मतदाता भाजपा के साथ हैं। राजहंस को विप की उम्मीदवारी मिलने से भाजपा की पकड़ उत्तरभारतीयों में और मजबूत होगी। कांग्रेस अपने परंपरागत उत्तरभारतीय मतदाताओं को वापस लाने की पुरजोर कोशिश कर रही है। उत्तरभारतीयों को अपनी ओर रिझाने के लिए मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष भाई जगताप ने ऐलान किया है कि जिन वार्डों में उत्तरभारतीय निर्णायक भूमिका में हैं, वहां पर कांग्रेस उत्तर भारतीयों को 

उम्मीदवार बनाएगी।

नहीं काम आई कांग्रेसी स्टाइल

'भइया' के बगैर मुंबई की उत्तरभारतीय राजनीति की चर्चा अधूरी है। भाजपा सूत्रों के मुताबिक कांग्रेसी से भाजपाई बने कृपाशंकर सिंह सार्वजनिक प्लेटफार्म पर भले ही अपने आपको भाजपा का जूनियर कार्यकर्ता बताते हैं लेकिन उन्होंने एमएलसी की उम्मीदवारी पाने के लिए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक का कनेक्शन जोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने लखनऊ और दिल्ली के वरिष्ठ भाजपा नेताओं को यह समझाने की कोशिश में बताया कि उन्हें एमएलसी बनाने से यूपी विधानसभा में खासकर पूर्वांचल में भाजपा को फायदा होगा क्योंकि वे मुंबई में सबसे बड़े और लोकप्रिय उत्तर भारतीय चेहरा हैं। उत्तर भारतीयों के बीच चर्चा है कि 'भइया' अभी मौका चूके नहीं हैं। यहां जुगाड़ नहीं चला पर यूपी विधानसभा चुनाव के वक्त जौनपुर में कुछ न कुछ जुगाड़ लग जाएगा। अभी मुंबई में भी मौका है। अनाथ हुआ 'परिश्रम' अब भी 'भइया' से आस पाले हुए हैं कि उत्तर भारतीय महापौर मुंबई मनपा में बनाने का वादा भूलेंगे नहीं। सूत्रों के मुताबिक भाजपा की मुंबई कोर कमेटी में राजहंस के लिए सांसद मनोज कोटक और  प्रदेश कोर कमिटी में विधायक आशीष शेलार ने बैटिंग की। पवन त्रिपाठी और संजय उपाध्याय पर राजहंस सिंह का मुंबई मनपा का अनुभव भारी पड़ा। अब देखना होगा कि 'भइया' के लिए वक्त रहते कौन बल्ला चलाएगा और उनकी बल्ले- बल्ले हो जाएगी।

अब तक 518 चौपाल

मुंबई उत्तर भारतीय मोर्चा अध्यक्ष जयप्रकाश सिंह का कहना है कि मुंबई मनपा पर भाजपा का झंडा लहराने और मेयर बनाने के मकसद से शुरू की गई चौपाल से उत्तर भारतीयों को जागरूक करने का काम और अपने समाज से सीधे संवाद किया जा रहा है। अब तक मुंबई में 518 चौपाल हो चुकी है। उन्होंने बताया कि चुनाव के पहले 1 हजार चौपाल करने का टारगेट है। श्री सिंह ने बताया कि अब तो चौपाल की धमक सुनाई और दिखाई देने लगी है। राजहंस को विप की उम्मीदवारी मिलना चौपाल की पहली सफलता है। चौपाल की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल, पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, वरिष्ठ भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार, सांसद मनोज कोटक, विधायक आशीष शेलार, मुंबई भाजपा अध्यक्ष मंगलप्रभात लोढा जैसे दिग्गज भाजपा नेता चौपाल की प्रशंसा कर चुके हैं। चौपाल में मुंबई भाजपा उपाध्यक्ष राजहंस सिंह, मुंबई उत्तर भारतीय मोर्चा अध्यक्ष जयप्रकाश सिंह, मुंबई भाजपा उपाध्यक्ष व चौपाल प्रभारी पवन त्रिपाठी, मुंबई भाजपा उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह, मुंबई भाजपा प्रवक्ता उदयप्रताप सिंह, मुंबई भाजपा प्रवक्ता अजय सिंह व बड़ी संख्या में स्थानीय उत्तर भारतीय नेता सभी एकजुट नजर आते हैं। वहीं प्रदेश कार्याध्यक्ष व मुंबई मनपा चुनाव रणनीति समिति प्रमुख, नसीम खान, मुंबई कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शिवजी सिंह, मुंबई कांग्रेस लीगल सेल संयोजक एडवोकेट आर. पी. पांडे, मुंबई कांग्रेस महासचिव संदीप शुक्ल, डॉ. सत्येंद्र सिंह, युवा नेता सूरज ठाकुर, मुंबई कांग्रेस उत्तर भारतीय सेल कार्याध्यक्ष अवनीश सिंह और विधायक जीशान सिद्दीकी बिखरे हुए हैं। इन सभी नेताओं को पंचायत के माध्यम से जोड़ने की पुरजोर कोशिश मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष भाई जगताप कर रहे हैं।  पूर्व कांग्रेस सांसद संजय निरुपम उत्‍तर भारतीयों को कांग्रेस से जोड़ने के लिए अपने स्‍तर पर प्रयास कर रहे हैं। जब भी मौका आता है निरुपम मुंबई कांग्रेस की कमजोरियों को दूर करने के लिए स्‍थानीय और केंद्रीय नेतृत्‍व को आगाह करते रहते हैं। इन सब के बीच भाजपा की चौपाल का मुकाबला कांग्रेस की पंचायत से है।


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